ब्लोगोत्सव-२०१० पर आयोजित समापन समारोह को काफी पाठकों ने पसंद किया वहीं तीन नन्ही प्रतिभाओं क्रमश: खुशबूप्रियदर्शनी ,अपराजिता और इशिता सिन्हा की आवाज़ का जादू सभी के सर चढ़कर बोलता रहा ये तीनों नवोदित गायिकाओं की स्वर साधना सराहनीय और प्रशंसनीय रही वर्ष का श्रेष्ठ आकर्षण ब्लोगोत्सव-२०१० के समापन समारोह की इन तीनों नन्ही स्वर साधिकाओं को संयुक्त रूप से वर्ष की श्रेष्ठ उदीयमान गायिका का खिताब देते हुए ब्लोगोत्सव की टीम ने सम्मानित करने का निर्णय लिया है "जानिये अपने सितारों को " के अंतर्गत आज प्रस्तुत है तीनों से पूछे गए कुछ व्यक्तिगत प्रश्नों के उत्तर-




() पूरा नाम :
खुशबू प्रियदर्शिनी
() माता का नाम :
रश्मि प्रभा
जन्म स्थान :
रांची
() वर्तमान पता :
४७ निको नेक्स दत्ता मंदिर चौक विमान नगर पुणे - ४११०१४.
() मेल का पता :
khushboo.priyadarshini@gmail.com
() टेलीफोन/मोबाईल .
9371022446
() प्रमुख व्यक्तिगत ब्लॉग :
www.khushikiduniya.blogspot.com
() अपने ब्लॉग के अतिरिक्त अन्य ब्लॉग पर गतिविधियों का विवरण :
हिन्दयुग्म और परिकल्पना
() अपने ब्लॉग के अतिरिक्त आपको कौन कौन सा ब्लॉग पसंद है : http://lifeteacheseverything.blogspot.com/ ,


http://conversationsandthediary.blogspot.com/ ,
http://squash2scotch.blogspot.com/ ,
http://kaustuv-prakash.blogspot.com/ ,
http://kalpvriksha-amma.blogspot.com/ ,
http://ant-rang.blogspot.com/ ,
http://i-ism.blogspot.com/
() ब्लॉग पर कौन सा विषय आपको ज्यादा आकर्षित करता है?
अनुभवों की यात्रा
() आपने ब्लॉग कब लिखना शुरू किया ?
२८ मई २००७
() यह खिताब पाकर आपको कैसा महसूस हो रहा है ?
आशीषों से पूर्ण महसूस कर रही हूँ...
(१०) क्या ब्लोगिंग से आपके अन्य आवश्यक कार्यों में अवरोध उत्पन्न नहीं होता ?
नहीं
(११)ब्लोगोत्सव जैसे सार्वजनिक उत्सव में शामिल होकर आपको कैसा लगा ?
बहुत ख़ुशी हुई, अपने को एक नए परिवार में शामिल माना
(१२) आपकी नज़रों में ब्लोगोत्सव की क्या विशेषताएं रही ?
विभिन्न लोग, विभिन्न प्रतिभाएं, पूरा देश ही नहीं पूरा विश्व एक मंच पर था...
(१३) ब्लोगोत्सव में वह कौन सी कमी थी जो आपको हमेशा खटकती रही ?
पूरे मन से किये गए काम में कोई कमी नहीं होती :)
(१४) ब्लोगोत्सव में शामिल किन रचनाकारों ने आपको ज्यादा आकर्षित किया ?
निस्संदेह मेरी अम्मा (grandmaa) श्रीमती सरस्वती प्रसाद
(१५) किन रचनाकारों की रचनाएँ आपको पसंद नहीं आई ?
सबकी अपनी विशेषता रही इसलिए सभी पसंद आये
(१६) क्या इस प्रकार का आयोजन प्रतिवर्ष आयोजित किया जाना चाहिए ?
निस्संदेह

(१७) आप कुछ अपने व्यक्तिगत जीवन के बारे में बताएं :
मैंने इसी वर्ष ll.b पूरा किया है और आगे ll.m करने जा रही हूँ National Law Institute University, Bhopal से. मुझे पढ़ने में रूचि है इसलिए मैं lecturer बनना चाहती हूँ.
(१८) अपनी कोई पसंदीदा रचना की कुछ पंक्तियाँ सुनाएँ :

"मन का रथ जब निकला
आए बुद्धि - विवेक
रोका टोका समझाया
दी सीख अनेक
लेकिन मन ने एक ना मानी
रथ लेकर निकल पड़ा
झटक दिया बातों को जिद पर रहा अड़ा
........................ ........................
समय हँसा...
रे मूरख ! अब तू पछतायेगा॥
टूटा पंख लिए एक दिन वापस आएगा...
सत्य नही जीवन का नभ में चाँद का आना
सच्चाई हैं धीरे धीरे तम का छाना
..................................... ....................................
अनावरण जब हुआ सत्य का,
मन घबराया
रास हाथ से छूट गई कुछ समझ आया
यायावर पछताया ,
रोया फूट फूट कर
रथ के पहिये अलग हो गए टूट टूट कर
......................................... ........................................
लिए मलिन मुख नीरवता गयी वहाँ पर
लहू-लुहान मन को समझाया अंग लगा कर
धीरे से बोली-
अब मिल-जुल साथ ही रहना
फिर होगा रथ ,
तीनो मिल कर आगे बढ़ना
कोई गलत कदम अक्सर पथ से भटकाता हैं
मनमानी करने का फल फिर सामने आता हैं...."
- श्रीमती सरस्वती प्रसाद ====================================================



() आपका पूरा नाम :


अपराजिता कल्याणी
() आपकी माँ का नाम ?


श्रीमती रश्मि प्रभा
जन्म स्थान :रांची
() आपका मेल का पता ?


cutieaprajita@gmail.com>,
() यह खिताब पाकर आपको कैसा महसूस हो रहा है ?



बहुत ही अच्छा लग रहा है ..
() ब्लोगोत्सव जैसे सार्वजनिक उत्सव में शामिल होकर आपको कैसा लगा ?



एक सम्मानित एहसास मिला
() आपकी नज़रों में ब्लोगोत्सव की क्या विशेषताएं रही ?



हर विषय को इस उत्सव में उठाया गया

() क्या इस प्रकार का आयोजन प्रतिवर्ष आयोजित किया जाना चाहिए ?



बिल्कुल
() अपनी कोई पसंदीदा रचना की कुछ पंक्तियाँ सुनाएँ :



जो स्नेह करता हैं,
वही दुःख पाता हैं,
उसकी ही साँसें गिनती हैं घड़ियाँ,
वही चुना करता हैं,
आँसुओं के फूल,
छेड़ दिल के तारों को,
दर्द भरा गीत वही गाता हैं,
जो स्नेह करता हैं,
वही दुःख पाता हैं!
माना कि तुम-कोई कवि नहीं हो,
पर स्नेहसिक्त अनुभूतियों से अजनबी नहीं हो-
इस बात को तुम कैसे झुठलाओगे?
-नदी के उस पार ,
जब विश्वास का दिया जलता हैं,
तो सुना हैं मैंने-
"टूटा हुआ आदमी भी चलता हैं!"..... श्रीमती सरस्वती प्रसाद
=================================


() पूरा नाम :


इषिता सिन्हा
() पिता-


श्री सुमन सिन्हा

जन्म स्थान :


पटना
() आपका पता :


कृष्ण कुञ्ज अपार्टमेन्ट
कार्लो मोटर्स के पीछे , बोरिंग रोड , पटना -800001
टेलीफोन/मोबाईल .-


09334192689


()ब्लॉग पर कौन सा विषय आपको ज्यादा आकर्षित करता है?


--संगीत
() खिताब पाकर आपको कैसा महसूस हो रहा है ?-


इस उम्र में ये सम्मान हमेशा बहुत ख़ास होता है ..
() जैसे सार्वजनिक उत्सव में शामिल होकर आपको कैसा लगा ?--


ख़ास तरह के लोगों के मध्य उतरना बहुत बड़ी उपलब्धि है ..
()आपकी नज़रों में ब्लोगोत्सव की क्या विशेषताएं रही ?---


वक़्त कम होता है तो संगीत से अधिक गौर नहीं किया, पर विशेषताओं के बीच मैं हूँ- यह आभास हुआ ..
()ब्लोगोत्सव में वह कौन सी कमी थी जो आपको हमेशा खटकती रही ?--


इस पर मैंने ध्यान नहीं दिया
()क्या इस प्रकार का आयोजन प्रतिवर्ष आयोजित किया जाना चाहिए ?--


होना चाहिए...
(१०) कुछ अपने व्यक्तिगत जीवन के बारे में बताएं :---


व्यक्तिगत तो व्यक्तिगत ही होता है.... बस मैं हूँ इषिता, जो संगीत से प्यार करती है ..
(११) कोई पसंदीदा रचना की कुछ पंक्तियाँ सुनाएँ : (यदि आप चाहें तो यहाँ ऑडियो का प्रयोग भी कर सकती हैं )
यहाँ मेरा ऑडियो ही शामिल करें.... क्योंकि इस गीत ने मेरे संगीत का मार्ग प्रशस्त किया








बहुत बहुत धन्यवाद आप तीनों का .....इस अवसर पर ऋग्वेद की दो पंक्तियां आप तीनों को समर्पित है कि - ‘‘आयने ते परायणे दुर्वा रोहन्तु पुष्पिणी: हृदाश्च पुण्डरीकाणि समुद्रस्य गृहा इमें ।।अर्थात आपके मार्ग प्रशस्त हों, उस पर पुष्प हों, नये कोमल दूब हों, आपके उद्यम, आपके प्रयास सफल हों, सुखदायी हों और आपके जीवन सरोवर में मन को प्रफुल्लित करने वाले कमल खिले।


प्रस्तुति: रवीन्द्र प्रभात

12 comments:

mala ने कहा… 26 जुलाई 2010 को 12:30 pm

खुशबू, अपराजिता और ईशिता को ढेर सारी बधाईयाँ आप सभी को संगीत की वह ऊँचाई मिले जिसकी ख्वाहिशें हर किसी कि होती है !

पूर्णिमा ने कहा… 26 जुलाई 2010 को 12:34 pm

तीनों स्वर साधिकाएँ क्रमश:खुशबू, अपराजिता और ईशिता को बधाईयाँ !

shikha varshney ने कहा… 26 जुलाई 2010 को 12:45 pm

Teeno ko dher saree badhai

Khushdeep Sehgal ने कहा… 26 जुलाई 2010 को 12:53 pm

खुशबू, अपराजिता और इशिता को बहुत बहुत बधाई,

रवींद्र जी और ब्लॉगोत्सव २०१० टीम का आभार...

जय हिंद...

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा… 26 जुलाई 2010 को 12:57 pm

खुशबू , अपराजिता , इशिता ,
बधाइयां !
शुभकामनाएं !!
मंगलकामनाएं !!!

तीनों ही
जीवन में उत्तरोतर प्रगति पथ पर अग्रसर होती रहें ,
और श्रेष्ठ उपलब्धियां प्राप्त करें …
अस्तु !

- राजेन्द्र स्वर्णकार
शस्वरं

गीतेश ने कहा… 26 जुलाई 2010 को 1:45 pm

बधाईयाँ,शुभकामनाएं !!

वाणी गीत ने कहा… 26 जुलाई 2010 को 5:19 pm

ख़ुशी का अपना ब्लॉग भी है ....GR8
तीनों को बहुत स्नेह व शुभकामनायें ...!

Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून ने कहा… 26 जुलाई 2010 को 5:29 pm

तीनों को बधाइयाँ और शुभकामनाये.

Udan Tashtari ने कहा… 26 जुलाई 2010 को 5:55 pm

हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ.

kshama ने कहा… 27 जुलाई 2010 को 6:26 pm

Aap teenon ko dheron mubarakbad!

vandan gupta ने कहा… 28 जुलाई 2010 को 4:26 pm

तीनो को बधाई।

POOJA... ने कहा… 30 नवंबर 2010 को 2:45 pm

खुशबू जी, अपराजिता जी और इशिता जी... ढेर सारी बढियां...

 
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