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मंजू गुप्ता की कविताएँ मंजू गुप्ता की कविताएँ

वीर भगत सिंह की देश भक्ति (प्रथम सर्ग) जल -धरा -हवा -आकाश - आग  जीवन के ये सारे हैं महातत्व चलता इनसे चेतना में प्राण प्रभु !...

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2:00 pm

कारगिल के शहीदों को नमन :पवन  चन्दन  की  कविता कारगिल के शहीदों को नमन :पवन चन्दन की कविता

कारगिल के शहीदों को नमन मातृभूमि की रक्षा से देह के अवसान तक आओ मेरे साथ चलो तुम सीमा से शमशान तक। सोये हैं कुछ शेर यहां पर उनको नहीं ज...

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1:00 pm

सुमन सिन्हा की कविता : तुम्हारे नाम सुमन सिन्हा की कविता : तुम्हारे नाम

तुम्हारे नाम ---------------- लोग हमारे रिश्ते को एक नाम देकर निश्चिन्त होना चाहते हैं . वो जानते हैं रिश्तों के दायरे होते हैं और...

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12:00 pm

मयंक सक्सेना की कविता मयंक सक्सेना की कविता

माता पिता और घर के बड़ों ने नाम दिया मयंक (चन्द्रमा)..सो कुछ धब्बे यानी कमियां तो होनी ही थी। कायस्थ परिवार जहाँ पढ़ाई पर खूब ज़ोर था, मैंन...

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3:47 pm

मेरा व्यापार, यह अख़बार : डा. सुभाष राय मेरा व्यापार, यह अख़बार : डा. सुभाष राय

परिचय : डा. सुभाष राय ------ जन्म जनवरी 1957 में उत्तर प्रदेश में स्थित मऊ नाथ भंजन जनपद के गांव बड़ागांव में। शिक्षा काशी, प्रयाग और आग...

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12:12 pm

प्रताप सहगल दो कविताएँ प्रताप सहगल दो कविताएँ

श्री प्रताप सहगल का जन्म 10 मई, 1945 को  झंग , पश्चिमी पंजाब (अब पाकिस्तान )  में हुआ .इनकी पहचान पहचान कवि, नाटककार, कथाकार, आलोचक के रूप ...

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12:51 pm

अमित केशरी की कविता : पंख अमित केशरी की कविता : पंख

मैं अमित कुमार केशरी , झारखण्ड के एक छोटे से शहर देवघर का रहने वाला हूँ! देवघर को लोग बैध्यनाथधाम के नाम से भी जानते हैं, क्यूंकि यहाँ ही ब...

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11:48 am

पढ़िए  और  सुनिए श्री राजेन्द्र स्वर्णकार के द्वारा रचित और स्वरबद्ध  रचना  :मन है बहुत उदास रे जोगी ! पढ़िए और सुनिए श्री राजेन्द्र स्वर्णकार के द्वारा रचित और स्वरबद्ध रचना :मन है बहुत उदास रे जोगी !

संक्षिप्त परिचय नाम : राजेन्द्र स्वर्णकार जन्म : 21 सितंबर पिता का नाम : स्वर्गीय श्री शंकरलालजी माता का नाम : श्रीमती भंवरीदेवी स्थाय...

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4:43 pm

शील निगम की कविता शील निगम की कविता

०६ दिसंबर १९५२ को आगरा में जन्मी शील निगम बी.ए. बी एड की डिग्रियां हासिल की.पच्चीस वर्ष शिक्षण कार्य किया, जिसमें पंद्रह सालों तक मुम्बई में...

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3:55 pm

कवि कुलवंत सिंह की कविता कवि कुलवंत सिंह की कविता

कवि कुलवंत सिंह हिंदी के समर्पित और सक्रिय चिट्ठाकारों में से एक हैं , इनका ब्लॉग गीत सुनहरे इनके  गीतों, भावनाओं, अभिव्यक्ति एवं कवित...

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2:54 pm

अशोक कुमार पाण्डेय की कविता : माँ की डिग्रियाँ अशोक कुमार पाण्डेय की कविता : माँ की डिग्रियाँ

युवा कवि अशोक कुमार पाण्डेय ग्वालियर में रहते हैं। सामाजिक-सांस्कृतिक क्षेत्र में सक्रिय अशोक कविताओं के साथ-साथ आर्थिक विषयों पर आलेख लिखत...

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2:07 pm

चिराग जैन की कविता : अनपढ़ माँ चिराग जैन की कविता : अनपढ़ माँ

27 मई 1985 को दिल्ली में जन्मे चिराग़ पत्रकारिता में स्नातकोत्तर करने के बाद ‘हिन्दी ब्लॉगिंग’ पर शोध कर रहे हैं। ब्लॉगिंग जैसा तकनीकी विषय ...

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12:02 pm

मुकेश कुमार सिन्हा की एक कविता : कैनवेस मुकेश कुमार सिन्हा की एक कविता : कैनवेस

मैं मुकेश कुमार सिन्हा झारखंड के धार्मिक राजधानी यानि देवघर (बैद्यनाथ धाम) का रहने वाला हूँ! वैसे तो देवघर का नाम बहुतो ने सुना भी न होगा, ...

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2:55 pm

सोनल रस्तोगी की कविता : बिना जुर्म सज़ा पाई है सोनल रस्तोगी की कविता : बिना जुर्म सज़ा पाई है

नमस्कार , मैं सोनल रस्तोगी   ..जन्म जीवनदायिनी गंगा के तीर "फर्रुखाबाद " में, बचपन में बुआ ने साहित्य के प्रति रूचि को पहिचाना तो ...

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11:53 am

रेखा श्रीवास्तव की कविता : शब्दों से गर मिटती नफरत ! रेखा श्रीवास्तव की कविता : शब्दों से गर मिटती नफरत !

रेखा श्रीवास्तव आई आई टी , कानपूर में मशीन अनुवाद प्रोजेक्ट में कार्य कर रही हैं  . इस दिशा में हिंदी के लिए किये जा रहे प्रयासों से वर्षों...

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3:58 pm

प्रवीन पथिक की कविता :चीत्कार भरी बाणी में धुन कैसे लाऊं प्रवीन पथिक की कविता :चीत्कार भरी बाणी में धुन कैसे लाऊं

मेरा नाम प्रवीण पथिक है और मैं फर्रुखाबाद से हूँ ,मैंने अपनी पढाई (R.P.D.C) से पूरी की मैं विज्ञानं स्नातक हूँ लग भाग 2 साल से मैं दिल्ली मे...

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3:00 pm

शोभना चौधरी 'शुभि'  की कविता : 'अजीब दस्तूर' शोभना चौधरी 'शुभि' की कविता : 'अजीब दस्तूर'

शोभना 'शुभि' जय नारायण व्यास विश्वविधालय, जोधपुर में भौतिक विज्ञान की शोधछात्रा हैं . इनका पूरा नाम  शोभना चौधरी 'शुभि' है...

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1:59 pm

दीपक मशाल की कविता : वो आतंकवाद समझती है... दीपक मशाल की कविता : वो आतंकवाद समझती है...

दीपक मशाल की पहचान एक ऐसे चिट्ठाकार की है , जिसके अंदाजे वयां कुछ अलग सा है . ये अपनी कविताओं में भोगे हुए यथार्थ को इस प्रकार चित्रित...

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12:53 pm

विवेक रस्तोगी की कविता : मेरी तस्वीर जो केवल मेरे मन के आईने में नजर आती है विवेक रस्तोगी की कविता : मेरी तस्वीर जो केवल मेरे मन के आईने में नजर आती है

 यायावर सी जिंदगी में कहीं बीच में अपने को खोजता हुआ, पेशे से बैंकिग में तकनीक सलाहकार विशेषज्ञ विवेक रस्तोगी हिंदी ब्लॉग जगत के  सुपरिचि...

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3:54 pm

वन्दना गुप्ता की तीन कविताएँ वन्दना गुप्ता की तीन कविताएँ

दिल्ली निवासी श्रीमती वन्दना गुप्ता एक समर्पित ब्लोगर ही नहीं कुशल गृहणी भी हैं । इन्हें  पढ़ने-लिखने का शौक है तथा झूठ से सख्त नफरत । ये...

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3:04 pm
 
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